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SAPTBOOTI MALAM

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SAPTBOOTI MALAM

Price - Rs. 350/-Rs. 325/-

प्राचीन उपचार पद्धति से निर्मित ईस सप्तबूटी मलम को, SAPTBOOTI PRACHIN AYURVEDA कंपनी के निर्माता श्रीमान योगेंद्र योगराज और श्रीमान आर्यकृष्णा ने और उनकी एक्सपर्ट टीम ने कई सालों की कड़ी मेहनत से और बेहतर बनाकर शेकडों लोगोंपर इसके परिक्षण करके सफ़लतापूर्वक संतुष्टि होने के बाद ही मार्केट मे प्रसारित किया है।                                                                                                                      जो लोग दाद ,खाज ,खुजली की इस बीमारी से ग्रसित थे और अपने जीवन में हजारो रुपये खर्च करके थक चुके थे, ऐसे हजारो लोगो की समस्या को ईस सप्तबूटी मलम ने जड़ से ठीक क्या है यह हमारे लिए गर्व की बात है 

लोग सप्तबूटी मलम ही क्यू पसंद करते है....?
  1. सप्तबूटी मलम त्वचा की तिसरी परत तक जाकर  सामान्यतः 15 दिनों में 3 से अधिक बार त्वचा को Refresh करता है और fungal के बैक्टीरिया को जड़ से ख़त्म कर देता है।
  2. सप्तबुटी मलम लगाने से खुजली पहले दिन से बंद हो जाती है।
  3. सप्तबूटी मलम दाद, खाज–खुजली के बैक्टीरिया को जड़ से ख़त्म करके बार बार होने से त्वचा को सुरक्षा प्रधान करता है।
  • सप्तबूटी मलम दुनिया की उन दुर्लभ वनस्पतियों का अचूक मिश्रण है जो बहुत ज्यादा असरदार साबित हुई, और आपके त्वचारोग को जड़ से खत्म करने का सामर्थ्य रखती है, बस शर्त ये है की निचे बताये नियमो का पालन करना होगा।
  • सप्तबूटी के बारे में जानकारी प्राप्त करने मे रुचि दिखाकर आपने यह साबित कर दिया है कि आप अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हैं,यकीन मानिए SAPTBOOTI MALAM पर आपका यह विश्वास आपको खुजली की समस्या से मुक्ति दिला देगा।
  • सप्तबुटी मलम उन दुर्लभ वनस्पतियों से तैयार किया जाता है, जिन वनस्पतियों से हजारों साल पहले हमारे ऋषि मुनि ईलाज करके मानव जाति को त्वचारोगो से हमेशा के लिए ठीक करते थे।.

यह बीमारी गलत खानपान जैसे की ( फ़ास्ट फ़ूड ,जंक फ़ूड ,ज्यादा मात्रा मे तैलीय पदार्थ इत्यादि ) के साथ साथ संसर्गजन्य होने के कारण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आनेसे फैलती है 
यह बीमारी अत्यंत तेजी'से फ़ैल रही है पिछले 3 साल पहले यह बीमारी त्वचा की पहेली सतह पर थी तब यह सामान्य दवाई से ठीक होती थी, लेकिन अब यह बीमारी त्वचा की तीसरी सतह पर पहुंच चुकी है
अब यह सामान्य दवाई से अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए ठीक होती है पर कुछ दिनों बाद फिरसे होने  लगती है 
पर सप्तबूटी मलम एक प्राचीन वनस्पतियां और शास्त्रोक्त पद्धती द्वारा तैयार करी हुई शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो दाद खाज खुजली जैसे त्वचा विकारों को हमेशा के लिए जड़ से ख़त्म करती है.

 

ईस बीमारी की शुरुवात गुप्तांग पर, गर्दन पर कमर पर इत्यादि जगह फुंसी या छोटासा लालसर चटटा आकर होती है।

यह बीमारी गलत खानपान जैसे की ( फ़ास्ट फ़ूड ,जंक फ़ूड ,ज्यादा मात्रा मे तैलीय पदार्थ इत्यादि ) के साथ साथ संसर्गजन्य होने के कारण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आनेसे फैलती है 
यह बीमारी अत्यंत तेजी'से फ़ैल रही है पिछले 3 साल पहले यह बीमारी त्वचा की पहेली सतह पर थी तब यह सामान्य दवाई से ठीक होती थी, लेकिन अब यह बीमारी त्वचा की तीसरी सतह पर पहुंच चुकी है
अब यह सामान्य दवाई से अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए ठीक होती है पर कुछ दिनों बाद फिरसे होने  लगती है 
पर सप्तबूटी मलम एक प्राचीन वनस्पतियां और शास्त्रोक्त पद्धती द्वारा तैयार करी हुई शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो दाद खाज खुजली जैसे त्वचा विकारों को हमेशा के लिए जड़ से ख़त्म करती है

आप निचे दिए लिंक पर क्लिक करके हमारे संतुष्ट ग्राहकों के अनुभव जान सकते है 
 youtu.be/gGEQiPhrchw?
 youtube.com/shorts/0HsoLmO-DX4?
 www.youtube.com/watch?v=PdYEG5NnnJQ   


उपयोग विधी 


यह प्राचीन उपचार पद्धति से तैयार की हुई औषधि होने के कारण इसका इस्तेमाल करने का तरीका बाजार की अन्य सामान्य क्रीम से कुछ अलग है।

  1. सर्व प्रथम संक्रमित त्वचा को गर्म पानी से साफ करें।
  2. फिर आवश्यकता नुसार क्रीम लेंकर इसमें बराबर मात्रा में देसी घी मिलाएं और रात को सोते समय संक्रमित जगह पर मेहंदी जैसा गाढ़ा लेप लगाएं।
    ( यदि घी मिलाने से जलन ना हो तो घी की मात्रा कम कर दें या घी का प्रयोग बंद
    कर दें। )
    (प्राचीन आयुर्वेदिक वनस्पतियां जलन पैदा करती हैं। आपको जितनी अधिक जलन होगी, आपकी बीमारी उतनी ही जल्द ठीक होगी।)
  3. जितनी ज्यादा समय तक दवा संक्रमित जगह पर लगाई जाएगी, आपको उतनी ही तेजी से आपकी बीमारी जल्द ठीक होगी इसलिए रात को सोते समय ही मलम लगाना चाहिए।
  4.  5 दिन बाद जब त्वचा काली पड़ जाए तो मलम लगाना बंद कर दें और 3 दिन तक देसी घी से मालिश करें और 3 दिन बाद दोबारा मलम लगाना शुरू करें  और यह क्रम 6 बार तक जारी रखें। 
  5. अगर कोई एंटीफंगल क्रीम या टेबलेट चल रहा हो तो उसे बंद करें |                                       (जब दाद पूरी तरह उभरा हुआ हो तभी सप्तबूटी मलम लगाए )
  6. यदि आपकी दाद,खाज,खुजली बहुत पुरानी है तो आप लगातार 1 से डेढ़ महीने तक मलम लगाएं इससे आपकी बीमारी जड़ से ठीक हो जाएगी। 

                                    सावधानियां                                 

  • दाद, खाज, खुजली, सोरायसिस, एग्जिमा के लिए स्टेरॉइड नामक  खतरनाक केमिकल से बने इंजेक्शन,टैबलेट, कैप्सूल या क्रीम आपका  जीवन नर्क बना देंगे सप्तबूटी प्राचीन आयुर्वेदा आपसे निवेदन करता है  कृपया किसी भी प्रकार के स्टेरॉइड का इस्तेमाल करना आज से ही बंद  करें । 
  • सप्तबूटी मलम त्वचा के बैक्टीरिया को जड़ से ख़त्म कर देता है लेकिन,  कपड़ो में बैठे बैक्टीरिया को नहीं मारता है इसलिए दाद सही होने पर  बैक्टीरिया के संपर्क मे आनेवाले कपड़ो को गर्म पानी से धोये या संभव  हो तो संक्रमित कपड़ो को फेंक दीजिये। 
  • दवाई को बच्चों की पहुंच से दूर रखें 
  • दवाई को आंखों में ना लगने दे |
  • .सप्तबूटी मलम खाने के लिए नहीं है इसे सिर्फ आपको इन्फेक्शन ( दाद ) वाले हिस्से पर लगाना है ।
  • दवाई को सिर्फ लगाना है दवाई से मालिश न करे, और त्वचा पर रगड़े नहीं 

सभी मेडिकल और आयुर्वेदिक स्टोअर्स पर उपलब्ध है 


जीवन में एक बार जरूर आजमायें 

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